Monday, August 10, 2009

Excellent must read!!

चाहे मानसून लेट आया है

पर एहसास नया ये लाया है,

कानून में सुधार आया है

देश में अब बदलाव आया है|

लड़के को लड़की न खोजनी

ना लड़की को लड़का,

कोई भी मिल जाये चलेगा

बस भिडे प्रेम का टांका |


शायद अब किसी घर में

मूंछों वाली भाभी आएँगी,

कन्यायें कन्या को भी अब

जीजू जीजू बुलाएंगी|

उन्मुक्त गगन के नीचे केवल

अब जोड़े ना रास रचाएंगे,

बदला बदला होगा मंजर

लड़के जब लड़का पटायेंगे|


पुलिस के पास भी अब शायद

छेड़छाड़ के केसेज बढ़ जायेंगे,

महिला महिला को छेड़ेगी

पुरुष पुरुष से छेड़े जायेंगे |


हर सिक्के के पहलू दो होते

कुछ सुधार तो आयेंगे,

ये नए बदलाव देश को

जनसँख्या विस्फोट से बचायेंगे|

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